आंध्र प्रदेश की राजधानी कहाँ है?

आंध्र प्रदेश की राजधानी और आंध्र प्रदेश की राजधानी हिंदी में अधिक जानकारी प्राप्त करने केलिए अंत तक बने रहे।

चलिए जानते है की Andhra Pradesh Ki Rajdhani Kahan Hai और आंध्र प्रदेश भारत के दक्षिण में स्थित एक काफी खूबसूरत राज्य है। साल 1953 में इस राज्य की नींव रखी रखी गई। यह भारत के पहला राज्य था, जिसे वहां की भाषा के आधार पर बातां गया था। यह एक तेलुगु भाषा प्रमुख राज्य है। आज इस लेख में हम आंध्र प्रदेश की राजधानी क्या है जानेंगे!

आंध्र प्रदेश अपनी संगमरमर की मूर्तियों के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहाँ हम भारत की राजधानी दिल्ली की राजधानी कहाँ है के बारेमे जानेंगे और राज्य के उत्तर में तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से, पश्चिम में कर्नाटक और दक्षिण में तमिल नाडु से घिरा हुआ है। पूर्व में यह बंगाल को खड़ी से जुड़ा है।

गौतम बुद्ध की पूजा के लिए प्रसिद्ध यह राज्य धन और धन्य से परिपक्व है। आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे आंध्र प्रदेश की राजधानी कौन सी है के बारे में इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक ध्यानपूर्वक जरूर पढ़े।

आंध्र प्रदेश की राजधानी क्या है?

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है। आंध्र प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है, जहां की राजधानी हमेशा से ही विवादों के घेरे में रही है। साल 1953 में जब पहली बार आंध्र प्रदेश राज्य की नींव, इसके 11 जिलों के साथ पड़ी तो आंध्र प्रदेश राज्य की राजधानी कुर्नूल को बनाया गया था। बाद में हैदराबाद के इसमें मिल जाने के कारण साल 1956 में आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद कर दी गई थी।

Andhra Pradesh Ki Rajdhani Kahan Hai

दरअसल आंध्र प्रदेश भाषा के आधार पर बनने वाला भारत का प्रथम राज्य था। जिसे तेलेगू बोलने वाले जिलों को मद्रास, हैदराबाद तथा रायसीमा से काट कर बनाया गया था। इन सब के बाद एकबार फिर से 2014 में आंध्र प्रदेश को दो भागों में विभाजित कर दिया गया और एक नया राज्य तेलंगाना बनाया गया।

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आंध्र प्रदेश की राजधानी 3 से 1 कब और कैसे हुई?

Andhra Pradesh Ki Rajdhani के जगन मोहन रेड्डी सरकार ने अमरावती, विशाखापत्तनम और कुर्नूल से बदल कर अब आंध्र प्रदेश की राजधानी को एक ही कर दिया है, जिसका नाम है अमरावती। कहानी ऐसे शुरू होती है कि आंध्र प्रदेश का बटवारा साल 2014 में हुआ और तेलंगाना बना दिया गया, बचे हुए इलाके का नाम वही रहा आंध्र प्रदेश।

बटवारे से पहले बहुत सारे विवाद हुए थे और एक विवाद अंतिम क्षण तक बना रहा वह ये था की हैदराबाद किसके पास जाएगा? ग्लोबल आई.टी हब के रूप में अपनी पहचान बना चुका यह शहर जहां से बहुत बड़ी रकम में रेवेन्यू आता है।

दोनो ही राज्य एक बात पर सहमत थे कि उन्हे चंडीगढ़ वाली कहानी दोबारा नहीं लिखनी है, जिसमे पंजाब की राजधानी और हरियाणा एक शहर के ऊपर झगड़ते ही रह गए और यह कभी तय नहीं हुआ की चंडीगढ़ किसकी राजधानी है और आज तक दोनो राज्य एक ही राजधानी को शेयर कर रहे हैं।

देश23px Flag of India.svg भारत
गठन1 नवंबर 1956
राजधानीअमरावती
सबसे बड़ा शहरविशाखापट्नम
जिलों26

यह तय हुआ की 10 साल तक हैदराबाद दोनो राज्यों की संयुक्त राजधानी के रूप में रहेगी और उसके बाद केवल तेलंगाना की ही राजधानी बन जाएगी। इस बीच जो 10 साल का यह समय मिलेगा। इसमें आंध्र प्रदेश को अपनी एक नई राजधानी बना लेनी होगी।

लेकिन आंध्र प्रदेश ने इतना इंतजार नही किया और राजधानी के ज्यादातर काम विजयबाड़ा, कुंटूर और और इसके आस-पास की बेल्ट में शिफ्ट करते गए। साल 2019 में आंध्र प्रदेश ने हैदराबाद में अपनी सारी इमारतों को तेलंगाना सरकार को सौप भी दिया, क्योंकि तब तक सूबे का पूरा ध्यान अमरावती नाम के एक नए शहर को बनाने में शिफ्ट हो गया था।

जिसे की आंध्र प्रदेश की नई राजधानी होना था और यहां की राजधानी अब यही शहर है। अमरावती गुंटूर जिले में कृष्णा नदी के किनारे पर बनना था, नए शहर के लिए किसानों से बड़े तौर पर जमीन अधिग्रहित की गई और विधान भवन, हाई कोर्ट और दूसरी प्रशासनिक सुविधाएं भी तैयार होने लगी और काम भी शुरू हो गया।

लेकिन साल 2019 में हो गए चुनाव और तेलगु देसम पार्टी की एन. चंद्र बाबू नायडू की सरकार की जगह आ गई वाई.एस.आर कांग्रेस की वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी सरकार और जगन मोहन साल 2020 आंध्र प्रदेश विकेंद्रीकरण और समावेशी विकास सभी क्षेत्र अधिनियम (Andhra Pradesh Decentralization and Inclusive Growth All Region Act) ले आए। जिसके तहत जगन एक ही जगह की तीन राजधानियां बनाना चाहते थे।

  • अमरावती विधायी राजधानी (Legislative Capital), यहां से विधानसभा कानून बनाती।
  • विशाखापत्तनम कार्यपालिका राजधानी (Executive Capital), यहां से चुनी हुई सरकार अपना काम करती।
  • कुरनूल न्यायिक राजधानी (Judicial Capital), यहां से न्यायपालिका अपना काम करती।

सरकार के तीन अंग तीन राजधानियों से काम करते हैं। ऐसा करने से गुंटूर और कृष्णा जिले के जिन हजारों किसानों ने अपनी बेस कीमती उपजाऊ जमीन अमरावती बनने के लिए दी थी, वे सभी इस फैसले के खिलाफ हो गए और आंदोलन छेड़ दिया।

उनका ऐतराज यह था की जब 3 राजधानियां बननी ही थी, तो उनकी इतनी सारी जमीन क्यों ली गई। इस किसान आंदोलन में भाजपा समेत सूबे का पूरा विपक्ष किसानों के साथ हो लिया और फिर मजबूरन जगन मोहन रेड्डी जी को अपना फैसला बदलना पड़ा। इसी के साथ यह तय हो गया की आंध्र प्रदेश की अब एक ही राजधानी होगी और वह अमरावती रहेगी।

सरकारआंध्र प्रदेश सरकार
राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन
मुख्यमंत्रीवाई. एस. जगनमोहन रेड्डी
विधान – सभा परिषद (58 सीटें) | विधानसभा (175 सीटें)
संसदीय क्षेत्रराज्यसभा (11 सीटें) | लोकसभा (25 सीटें)
उच्च न्यायालयआंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय

अमरावती की विशेषताएं

1. अमरावती अपनी मूर्तियों के लिए काफी विख्यात है, जोकि ज्यादातर सफेद संगमरमर की होती है।

2. अमरावती जैन मंदिर कला के लिए काफी प्रसिद्ध है।

3. उत्तररु स्तूप में अमरावती स्तूप सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। यह कहा जाता है की इस स्तूप का निर्माण सम्राट अशोक ने करवाया था।

4. अमरावती का पुराना नाम धान्यकतक है।

5. अमरावती बुद्ध के पूजन के लिए काफी प्रसिद्ध है।

अमरावती में पर्यटन स्थल

यहाँ आप Andhra Pradesh Ki Nai Rajdhani से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य और साथ ही साथ आंध्र प्रदेश राज्य का राजधानी अमरावती के पर्यटन स्थल के बारेमे भी कुछ जानकारी पा सकते है।

1. श्री अंबादेवी मंदिर

2. श्री सतिधाम मंदिर

3. श्री एकवीरा देवी

4. भक्तिधाम मंदिर

5. छत्री तालाब

6. वडाली तलब

7. चिखलदरा हिलस्टेशन

8. मेलघाट टाइगर रिजर्व

क्षेत्र162,975 km2
जनसंख्या (2011)49,386,799
बोलीतेलुगू
साक्षरता दर67.41% (2011)
लिंगानुपात (2011)993 /1000 

अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी कब बनी?

अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी साल 2015 में बनी।

अमरावती सबसे ज्यादा किसी चीज के लिए प्रसिद्ध है?

अमरावती अपनी संगमरमर की मूर्तियों के लिए काफी प्रसिद्ध है।

अमरावती किस नदी के किनारे बसा हुआ है?

कृष्णा नदी।

अमरावती का दूसरा नाम क्या था?

धान्यकतक।

निष्कर्ष

तो दोस्तो आज के इस आर्टिकल में आपने आंध्र प्रदेश की राजधानी कहाँ है के बारे में जाना, यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो, तो इसे शेयर जरूर करे।

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