भारत की राजधानी कहाँ है?

भारत की राजधानी का नाम और दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी के बारेमे अधिक जानकारी केलिए यह लेख को अंत तक जरुर पढ़े।

आज हम Bharat Ki Rajdhani Kahan Hai के बारेमे बिस्तर रूप से जानेंगे। पूर्ण विश्व में भारत देश का नाम काफी प्रसिद्ध है। भारत से ही दुनिया को कई सारी महत्त्वपूर्ण चीज़ें मिली। भारत देश ने ही संपूर्ण विश्व को शून्य दिया। टेक्नोलॉजी की सबसे पहली शुरुआत बाइनरी लैंग्वेज से हुई है। इन कुछ विशेषताओं के कारण विश्व भर में विख्यात हमारे देश भारत की राजधानी कहां है? आज लोग यह जानना चाहते है।

इसके साथ ही भारत देश को एक नई पहचान देने के लिए राजधानी भी बनाई, जहां से सभी प्रकार के राजनीतिक और सरकारी कामों को अंजाम दिया जाता है। तो आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि भारत की राजधानी कौन सी है, सभी महत्वपूर्ण जानकारी इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक ध्यानपूर्वक जरूर पढ़े।

भारत की राजधानी क्या है?

भारत की राजधानी नई दिल्ली है। राजधानी हर तरह किसी भी देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है। राजधानी को किसी भी देश का मस्तिष्क कहा जा सकता है, क्योंकि वही से तरह के देश के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते है।

Bharat Ki Rajdhani Kahan Hai

भारत देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) है। अगर आपको ऑस्ट्रेलिया की राजधानी और अमेरिका की राजधानी कहाँ है जानना है तो इसे पढ़े।

ये भी पढ़े:-

१. गोवा की राजधानी कहाँ है?
२. असम की राजधानी कहाँ है?
३. राजस्थान की राजधानी कहाँ है?

दिल्ली भारत देश की राजधानी कब बनी?

Bharat Ki Rajdhani नई दिल्ली को 13 फरवरी 1931 को भारत की राजधानी बनाया गया था। उससे पहले भारत की राजधानी कलकत्ता, वर्तमान में कोलकाता हुआ करती थी। जैसा की हम जानते है, 15 अगस्त सन् 1947 से पहले भारत अंग्रेजो का गुलाम था और उस समय कलकत्ता भारत की राजधानी हुआ करती थी।

लेकिन साल 1911 में अंग्रेजी सरकार ने कलकत्ता की जगह दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने के लिए सोचा और फिर 1 अप्रैल, साल 1912 को भारत की राजधानी को कलकत्ता से हटा कर दिल्ली थी बनाया गया। इसके साथ ही दिल्ली को एक अलग प्रांत भी घोषित कर दिया गया। आईये भारत के बारेमे कुछ जानकारी प्राप्त कर लेते हें।

राजधानीनई दिल्ली
सबसे बड़ा शहरमुंबई
आधिकारिक भाषायेंहिन्दी | English
धर्म (2011)79.8% हिंदू धर्म | 14.2% इस्लाम | 2.3% ईसाई धर्म | 1.7% सिख धर्म
0.7% बौद्ध धर्म | 0.4% जैन धर्म | 0.23% असंबद्ध | 0.65% अन्य
जनसंख्या2011 की जनगणना- 1,210,854,977
2021 अनुमान- 1,407,563,842

इससे पहले कलकत्ता ही भारत की राजधानी हुआ करती थी। जिसका नाम अब बदल कर कोलकाता (Kolkata) रख दिया गया है। दिल्ली को राजधानी बनाने का ऐलान 12 दिसंबर साल 1911 को हुआ था। तब भारत के शासक किंग जॉर्ज पंचम (King George V) ने इसकी आधारशिला रखी थी।

कैसे कलकत्ता की जगह दिल्ली को राजधानी बनाने का ऐलान किया गया?

कई सारे तथ्यों के मुताबिक जब दिल्ली को राजधानी बनाने का ऐलान किया गया था, तब दिल्ली की वित्तीय हालत बहुत खराब थी। बाकी के महानगर जैसे की बंबई, कलकत्ता और मद्रास हर बात में दिल्ली से कहीं आगे थे, यहां तक कि लखनऊ तथा हैदराबाद भी दिल्ली से बेहतर माने जाते थे।

दिल्ली की महज तीन प्रतिशत आबादी ही अंग्रेजी पढ़ पाती थी, यही वजह है की यहां विदेशी भी बहुत कम आते थे। मेरठ की तुलना में दिल्ली में महज 992 विदेशी ही आते थे। हालात इतने खराब थे की कोई भी बड़ा आदमी वहां पैसा लगाने को तैयार नहीं था।

लेकिन भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में होने की वजह से दिल्ली को राजधानी बनाने का ऐलान हुआ और दो दशक तक इसको विकसित किया गया। वर्ष 1772 में कलकत्ता को अंग्रेज शासित भारत (British India) की राजधानी बनाया गया। तो चलिए भारत के बारेमे कुछ जानकारी प्राप्त कर लेते हें।

सरकारसंघीय संसदीय संवैधानिक गणतंत्र
प्रेजिडेंटद्रौपदी मुर्मू
वाईस प्रेजिडेंटवेंकाइआह नायडू
प्राइम मिनिस्टरनरेंद्र मोदी
चीफ जस्टिसन. व्. रमना
लोक सभा स्पीकरओम बिरला

दिल्ली की विशेषताएं क्या है?

  • भारत की राजधानी नई दिल्ली उत्तरी भारत में स्थित है, और उत्तर प्रदेश की ओर से यमुना नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
  • भारत के सभी महानगरों में आबादी के हिसाब से दिल्ली का दूसरा स्थान है। 1 नवंबर साल 1956 में दिल्ली को केंद्र शासित क्षेत्र घोषित किया गया।
  • दिसंबर साल 1991 में संसद ने 79 संशोधन के तहत दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित कर दिया।
  • दिल्ली अपनी समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए काफी प्रसिद्ध है।
  • समृद्धि, विरासत और संस्कृति को जीवन शैली, कला, शिल्प और यहां के संगीतों में देखा जा सकता है।
  • दिल्ली अपने शानदार पर्यटन स्थल, मनोरंजक सुविधाओ, और प्राचीन काल तक पुराने इतिहास के कारण एक अंतर्राष्ट्रीय महानगर के नाम से भी जाना जाता है। दिल्ली घूमने फिरने वालों को इतनी मनोरंजक स्थानों और आकर्षणों के विकल्प देती है कि किसी के लिए भी यह तय करना मुश्किल हो जाता है की घूमना कहा से शुरू किया जाए।
  • नई दिल्ली एक आधुनिक शहर है जिसका निर्माण सर हरबर्ट बेकर (Sir Herbert Baker) और सर एडविन लिटियंस (Sir Adwin Luttiens) ने किया था, यह एक विशाल खुला शहर है। जिसमें ऐतिहासिक शहरो के अलावा कई सरकारी इमारतें भी हैं।
  • पिछले कुछ सालों में दिल्ली में शिक्षा के मामले में बहुत विकास किया है। बेहतरीन शिक्षा संस्थानों के साथ यहां नए शिक्षा प्रणाली भी उभर कर आई है। यहां सभी तरह के 160 से अधिक कॉलेज और देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय हैं, जैसे की जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया विश्विशालय आदि।
  • भारत की राजधानी दिल्ली पूरी उत्तर भारत में व्यापार और व्यवसाय का केंद्र है।
  • दिल्ली पूरे देश से हवाई, सड़क और रेल मार्ग से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
  • पूरी दिल्ली में कैनॉट प्लेस को पूरी दिल्ली का सबसे व्यस्ततम इलाका कहा जाता है, क्योंकि यह हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हो जाती है। हर तरह की वस्तुओ के लिए बाजार यहां आपको मिल जाएगी।
  • दिल्ली का उल्लेख महाभारत में इंद्रप्रस्थ के रूप में भी किया गया है, जोकि इस उस समय पांडवों की राजधानी थी।

दिल्ली में घूमने लायक पर्यटन स्थल कौन से है?

दिल्ली में घूमने फिरने लायक पर्यटन स्थलों में सबसे पहले स्थान पर है-

  • निजामुद्दीन दरगाह
  • बांग्ला साहिब गुरुद्वारा
  • राज घाट
  • प्रगति मैदान
  • राजपथ
  • तुगलकबाद का किला
  • सफदरगंज मकबरा
  • लाल किला
  • स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर
  • कुतुब मीनार
  • जामा मस्जिद

वर्तमान समय में दिल्ली कैसी है?

अगर आप ये सोच रहें है की दिल्ली भारत की राजधानी कब बना ता यह परा को ध्यान से पढ़ें। दि वर्तमान समय की बात की जाए तो नई दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है। जोकि लगभग 1484 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। दिल्ली की सबसे दुखद बात यह है की यहां की हवा को दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा में गिना जाता है, यानी दुनिया सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरो में दिल्ली को गिना जाता है।

लेकिन इसके साथ ही दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का लगभग बीस प्रतिशत हिस्सा जंगल से घिरा हुआ है, इसलिए यहां पेड़ पौधों और बगीचों की भी कमी नही है। दिल्ली में प्रदूषण से बचाओ के लिए दिल्ली की पूरी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सीएनजी यानी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG Gas) पर चलाया जाता है, जिससे वहां की प्रदूषित हवा को स्वच्छ किया जा सके। अन्तः में भारत के बारेमे कुछ जानकारी प्राप्त कर लेते हें।

मुद्राभारतीय रुपया (₹) (INR)
तारिख का प्रारूपदिन-मम-वर्ष
क्षेत्रकुल– 3,287,263 km2 | पानी (%)– 9.6
देशी भाषा447 भाषाएँ
यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्रताडोमिनियन– 15 अगस्त 1947 | गणतंत्र– 26 जनवरी 1950
विधान – सभाउच्च सदन– राज्य सभा | निचला सदन– लोकसभा

नई दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी?

नई दिल्ली भारत की राजधानी साल 1911 में बनी।

भारत देश की सबसे पहली राजधानी कौन सी थी?

भारत देश की सबसे पहली राजधानी कलकत्ता (वर्तमान में कोलकाता) थी। साल 1911 में भारत देश की राजधानी को कलकत्ता से हटाकर दिल्ली कर दिया गया था।

भारत देश की अब तक कौन-कौन सी राजधानी रह चुकी हैं?

साल 1858 ईसा पूर्व में भारत के उत्तर पश्चिमी राज्यों के लिए इलाहाबाद (वर्तमान में प्रयागराज) 1 दिन के लिए भारत की राजधानी बनी। साल 1911 तक भारत देश की राजधानी कलकत्ता रही। इसके बाद दिल्ली को भारत की राजधानी बना दिया गया।

निष्कर्ष

तो साथियों अब आपको यह मालूम हो ही चुका होगा की आखिर भारत की राजधानी कहाँ है? पोस्ट अच्छा लगा तो शेयर करना तो बनता है।

Leave a Comment