एम.कॉम के बाद क्या करे?

एमकॉम करने के बाद हम कौन कौन से विभाग में जॉब करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं, इस लेख को पढ़ कर आपको पूरी जानकारी मिल जायेगा ।

M.Com Ke Baad Kya Kare? आज के आधुनिक जमाने में पढ़ाई का इतना ज्यादा महत्व हो गया है कि हर जगह शिक्षा की मांग है। विशेषकर टेक्नोलॉजी के बढ़ जाने के कारण विभिन्न प्रकार के कामों को करने के लिए व्यक्ति का पढ़ा लिखा होना आवश्यक होता है।

इंडिया में विभिन्न प्रकार के कोर्स को करके व्यक्ति एक अच्छी जॉब प्राप्त कर सकता है, जिसमें से ही एक कोर्स है M.Com, यदि विद्यार्थी एमकॉम का कोर्स कर लेते हैं तो उन्हें यह समझ में नहीं आता है कि एमकॉम के बाद क्या क्या कर सकते हैं? अथवा एमकॉम करने के बाद क्या किया जाना चाहिए?

एम.कॉम क्या है?

12वीं कक्षा को पास करने के बाद अक्सर विद्यार्थी बीकॉम का कोर्स करते हैं और इस कोर्स को कंप्लीट करने के बाद वह फाइनेंस में हायर एजुकेशन प्राप्त करने के लिए M.Com यानी कि Master of Commerce का कोर्स करते हैं।

Mcom ke baad kya kare

अगर आप सोच रहे हैं की M.Com डिग्री कितने साल की होती है तो एमकॉम 2 साल का पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री कोर्स होता है।

इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थी आसानी से या तो गवर्नमेंट जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं या फिर फाइनेंस सेक्टर की फील्ड में जॉब पाने की कोशिश कर सकते हैं।

M.Com का कोर्स कर लेने के बाद कॉमर्स मैनेजमेंट, इंश्योरेंस इकोनॉमिक्स, फाइनेंसियल अकाउंट जैसी फ़िल्ड मे स्टूडेंट एक्सपर्ट हो जाते हैं, जो विद्यार्थियों के कैरियर के लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट माना जाता है।

एमकॉम करने से क्या होता है?

अगर कोई विद्यार्थी म कॉम कोर्स कर रहा है तो उसे एकाउंटिंग के काम और उसके रिलेटेड अन्य काम के बारे में बताया जाता है।

यह विद्यार्थी इस कोर्स को पूरा करने के बाद किसी कंपनी में एकाउंटिंग पोस्ट या अन्य किसी बैंकिंग बिज़नेस में भी जब पा सकते हैं।

MCom के बाद क्या कर सकते हैं?

मास्टर ऑफ कॉमर्स का कोर्स ऐसे स्टूडेंट के लिए बना है जो फाइनेंस की फील्ड में जाना चाहते हैं। पहले की तरह ही स्टूडेंट के बीच में एमकॉम का कोर्स आज भी पॉपुलर पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है‌।

आइए अब आपको बताते हैं कि अगर आपने एमकॉम का कोर्स कंप्लीट कर लिया है तो एम-कॉमर्स का भविष्य क्या है या फिर एमकॉम के बाद क्या करना चाहिए?

1. मास्टर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA)

फाइनेंस की फील्ड में एमकॉम का कोर्स कंप्लीट करने के बाद आप मास्टर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी कि एमबीए का कोर्स कर सकते हैं। एमकॉम का कोर्स करने के बाद स्टूडेंट के बीच पॉपुलर कोर्स के तौर पर MBA के कोर्स को जाना जाता है।

एमबीए के कोर्स में आपको बिजनेस से संबंधित बातों के बारे में सिखाया तथा बताया जाता है।

एमकॉम का कोर्स करते समय आप बिजनेस, इकोनॉमिक्स, स्टॉक मार्केट, अकाउंटेंसी और अन्य चीजों के बारे में सीखते हैं, परंतु जब आप अपनी हायर एजुकेशन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में प्राप्त करते हैं।

तो आप यह जानने लगते हैं कि प्रॉब्लम को कैसे सॉल्व किया जाता है और ऑर्गेनाइजेशन को कैसे आगे बढ़ाया जाता है। यदि आप जानना चाहते हैं की एमबीए के बाद क्या करना चाहिए और एमबीए क्या हे इस लेख को जरूर पढ़े ।

3. चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)

सीए यानी कि चार्टर्ड अकाउंटेंट M.Com के कोर्स को करने के बाद किया जाने वाला सबसे पॉपुलर कोर्स है और इस कोर्स को करने के बाद आपको काफी अच्छी सैलरी भी मिलती है।

अगर आप सोचतेहेन की चार्टर्ड अकाउंटेंट सैलरी इन इंडिया कितने हे, तो में आपको बता दूँ चार्टर्ड अकाउंटेंट को महीने की सैलरी के तौर पर तकरीबन ₹40,000 से लेकर ₹50,000 तक का वेतन मिलता हैं।

सीए का कोर्स एमकॉम के कोर्स को करने के बाद किया जाने वाला बेस्ट कोर्स माना जाता है। इस कोर्स को करने के बाद आपको आसानी से बड़ी-बड़ी कंपनियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट की पोस्ट प्राप्त हो जाती है।

3. गवर्नमेंट जॉब

वैसे तो गवर्नमेंट जॉब पाने के लिए बीए की डिग्री ही काफी होती है परंतु अगर आपने एमकॉम का कोर्स कर लिया है और आप आगे किसी भी प्रकार की हायर एजुकेशन नहीं लेना चाहते हैं तो आप गवर्नमेंट जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं या फिर इंडियन गवर्नमेंट जॉब की तैयारी कर सकते हैं।

सामान्य तौर पर मास्टर ऑफ कॉमर्स का कोर्स कंप्लीट करने के बाद आप नीचे दी गई गवर्नमेंट जॉब के लिए अपनी तैयारी कर सकते हैं और गवर्नमेंट जॉब पा सकते हैं।

  • इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस
  • इंडियन फॉरेन सर्विस
  • इंडियन पुलिस सर्विस
  • रेलवे जॉब्स
  • पीडब्ल्यूडी जॉब्स
  • लेखपाल
  • पीसीएस ऑफीसर
  • स्टाफ सिलेक्शन कमीशन इत्यादि

4. प्राइवेट सेक्टर जॉब

मास्टर ऑफ कॉमर्स का कोर्स कंप्लीट करने के बाद अगर आप आगे की पढ़ाई नहीं करना चाहते हैं और आप तुरंत नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप किसी भी प्राइवेट सेक्टर की कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जहां तक हमारा मानना है कि अगर आपने एमकॉम की डिग्री हासिल की है, तो आपको आसानी से नौकरी प्राप्त हो जाएगी।

अगर आप फाइनेंस से संबंधित इंस्टिट्यूट में नौकरी के लिए आवेदन करते हैं तो आपके सिलेक्शन होने के चांस ज्यादा होते हैं, क्योंकि एमकॉम के कोर्स में फाइनेंस की ही पढ़ाई करवाई जाती है।

5. कंपनी सेक्रेट्री

कंपनी सेक्रेट्री कानूनी मुद्दों और फर्म के मैनेजमेंट से संबधित टॉपिक पर एडवाइस देने का काम कंपनी डायरेक्टर को करता है।

स्टूडेंट चाहे तो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद या फिर ग्रेजुएशन के कोर्स को पूरा करने के बाद कंपनी सेक्रेटरी के कोर्स के लिए अपने आप को रजिस्टर्ड कर सकते हैं।

फाउंडेशन प्रोग्राम, प्रोफेशनल प्रोग्राम और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम तथा 15 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करना कंपनी सेक्रेटरी के अभ्यर्थियों को आवश्यक होता है।

इसके बाद आप ICSI के साथ एसोसिएट मेंबर के तहत तब रजिस्टर्ड हो जाते हैं जब आप ऊपर बताए गए योग्यता को पूरा कर लेते हैं।

हमारे इंडिया में सीएस के कोर्स को करवाने वाला एकमात्र सर्टिफाइड सस्था ICSI है।कंपनी सेक्रेटरी के पोस्ट पर तैनात व्यक्ति को ₹4,00000 से लेकर ₹9,00000 तक की सैलरी सालाना तौर पर प्राप्त होती है।

6. फाइनेंशियल रिस्क मैनेजर

ऐसे लोगों की डिमांड फाइनेंसियल इंडस्ट्री ज्यादा बढी है, जो इन्वेस्टमेंट और रिस्क मनी को एक साथ मैनेज करने का काम जानते हैं।

ऐसे प्रोफेशनल लोगो के लिए ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ रिस्क प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट के द्वारा FRM (Financial Risk Management) कोर्स करवाया जाता है, जो कि छोटी अवधि का प्रोफेशनल कोर्स माना जाता है।

किसी भी प्रकार के कोई खास प्रोफेशनल एक्सपीरियंस या फिर एकेडमिक एक्सपीरियंस की आवश्यकता FRM की एग्जाम में शामिल होने के लिए नहीं होती है।

एफआरएम की एग्जाम दो भागों में कंप्लीट होती है और यह एक प्रैक्टिस ओरिएंटेड परीक्षा होती है।

2 साल के कार्य का अनुभव होने के साथ-साथ बता दें एक सर्टिफाइड फाइनेंशियल रिस्क मैनेजर बनने के लिए रिस्क कंसलटिंग या रिस्क मैनेजमेंट या फिर इससे सम्बन्धित फील्ड में पोर्टफोलियो का होना आवश्यक है।

म कॉम की फीस कितनी है?

अगर फीस की बात किया जाए तो भारत में जितने भी बिस्वबिद्यालय हे इस कोर्स केलिए 10,000 से ले कर 60,000 या 1,00,000 तक रहता हे।

जितने भी कॉलेज या बिस्वबिद्यालय है वहां फीस अलग अलग होता है और ये उस कॉलेज या बिस्वबिद्यालय ऊपर निर्भर करता ह।

M.Com का पूरा नाम क्या है?

M. Com का पूरा नाम Master of commerce है।

M.Com के कोर्स में एडमिशन कब ले सकते हैं?

बीकॉम का कोर्स पूरा करने के बाद एमकॉम का कोर्स कर सकते हैं।

M.Com का कोर्स करने के बाद क्या कर सकते हैं?

नौकरी कर सकते हैं, गवर्नमेंट नौकरी के लिए तैयारी कर सकते हैं या फिर हायर एजुकेशन के लिए अन्य कोर्स में एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

M.Com डिग्री कितने साल की होती है?

बीकॉम का कोर्स करने के बाद एमकॉम का कोर्स करने पर 2 साल का समय अभ्यर्थी को देना पड़ता है।

अन्तिम शब्द

तो साथियों हमें आशा है एमकॉम के बाद क्या करें आप समझ गए होंगे। यह लेख पढ़कर यह आपको अपने लिए एक उपयुक्त कैरियरसिलेक्ट करने में आपकी मदद करेगा। अगर आप इस लेख में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो इसे शेयर करना न भूलें। और अधिक जानकारी केलिए हमें कमेंट करें।

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